बालदिवस पर भाषण – Children Day Speech/Essay in Hindi 2018

दुनिया भर में बच्चे का दिन बाल दिवस Children day के रूप में मनाया जाता है। यह पूरे विश्व में विभिन्न तिथियों पर मनाया जाता है, जैसे भारत में 14 नवंबर को मनाया जाता है। और अलग अलग देशो में अलग -अलग तारीखों को मनाया जाता है

1 जून को International Children day के रूप में मनाया जाता है जबकि 20 नवम्बर को संयुक्तराष्ट्र के सभा में Official रूप से Children Day मानाने की Declare हुयी थी .

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भारत में children day कब मनाया जाता है , और क्यों ?

14 November को भारत में बालदिवस means Children day Celebrate किया जाता है .

आज के दिन भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू के जन्म हुआ था। आज उनकी जंयती को बाल दिवस के रूप में मनाया जाता है। भारत में इनके जन्मदिन को बाल दिवस के रूप में मनाया जाता है।

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आज के दिन भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू के जन्म हुआ था। आज उनकी जंयती को बाल दिवस के रूप में मनाया जाता है। भारत में इनके जन्मदिन को बाल दिवस के रूप में मनाया जाता है।

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बालदिवस पर भाषण /Children Day Speech/Essay in Hindi 2018

प्रधानाध्यापक, सर, मैडम और मेरे प्यारे साथियों को नमस्कार।

हम सभी बहुत खुशी के साथ यहाँ बाल दिवस मनाने के लिए एकत्र हुये हैं। मैं बाल दिवस के इस अवसर पर अपने विचार रखना चाहता/चाहती हूँ। बच्चे परिवार में, घर में, समाज में खुशी का कारण होने के साथ ही देश का भविष्य भी होते हैं। हम पूरे जीवन भर माता-पिता, शिक्षकों और अन्य संबंधियों के जीवन में बच्चों की भागीदारी और योगदान को नजअंदाज नहीं कर सकते।

बच्चे सभी के द्वारा पसंद किए जाते हैं और बिना बच्चों के जीवन बहुत ही नीरस हो जाता है। वे भगवान का आशीर्वाद होते हैं और अपनी सुन्दर आँखों, मासूम गतिविधियों और मुस्कान से हमारे दिल को जीत लेते हैं। बाल दिवस Children day  प्रत्येक वर्ष पूरे संसार में बच्चों को श्रद्धांजलि देने के लिए मनाया जाता है।

यह विभिन्न देशों में अलग-अलग तिथियों को मनाया जाता है हालांकि, यह (Children day ) भारत में 14 नवम्बर को मनाया जाता है। वास्तव में 14 नवम्बर महान स्वतंत्रता सेनानी और स्वतंत्र भारत के पहले प्रधानमंत्री (पं. जवाहर लाल नेहरु) का जन्म दिवस है हालांकि, बच्चों के प्रति उनके लगाव और स्नेह की वजह से इस दिन को बाल दिवस के रुप में मनाया जाता है।

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वे एक राजनीति नेता थे फिर भी, उन्होंने बच्चों के साथ बहुत ही कीमती वक्त बिताया और उनकी मासूमियत से वो बहुत प्यार करते थे। बाल दिवस का उत्सव मस्ती और उल्लास की बहुत सारी गतिविधियाँ लाता है। इस दिन का उत्सव बच्चों के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को नवीनीकृत करने की याद दिलाता है, जिसमें बच्चों का कल्याण, उचित स्वास्थ्य, देखभाल, शिक्षा, आदि शामिल है। बच्चों को चाचा नेहरु के आदर्शों और बहुत सारा प्यार और स्नेह दिया जाता है। यह बच्चों के गुणों की प्रशंसा करने का अवसर है।

बच्चों को किसी भी मजबूत राष्ट्र की नींव की ईंट माना जाता है। बच्चे छोटे होते हैं किन्तु राष्ट्र में सकारात्मक परिवर्तन करने की क्षमता रखते हैं। वे आने वाले कल के जिम्मेदार नागरिक हैं क्योंकि देश का विकास उन्हीं के हाथों में है। बाल दिवस उत्सव उन अधिकारों की भी याद दिलाता है, जो बच्चों के लिए बनाये गए हैं और उनसे बच्चे लाभान्वित हो भी रहे हैं, या नहीं।

बच्चे कल के नेता हैं इसलिए उन्हें अपने अभिभावकों, शिक्षकों और परिवार के अन्य सदस्यों से आदर, विशेष देख-रेख और सुरक्षा की आवश्यकता है। हमारे राष्ट्र में बहुत तरीकों से परिवार के सदस्यों, संबंधियों, पड़ौसियों या अन्य अजनबियों के द्वारा उनका शोषण किया जाता है। बाल दिवस का उत्सव परिवार, समाज और देश में बच्चों के महत्व को याद दिलाता है। बच्चों के कुछ सामान्य अधिकार निम्नलिखित हैं जो उन्हें अवश्य प्राप्त होने चाहिए।

  • उन्हें परिवार और अभिभावकों के द्वारा उचित देखभाल और प्यार मिलना चाहिए।
  • उन्हें स्वास्थ्यवर्धक खाना, स्वच्छ कपड़े और सुरक्षा जरुर मिलनी चाहिए।
  • उन्हें रहने के लिए स्वस्थ्य वातावरण प्राप्त होना चाहिए जहाँ वो घर, स्कूल या अन्य स्थानों पर सुरक्षित महसूस कर सकें।
  • उन्हें उचित और अच्छे स्तर की शिक्षा मिलनी चाहिए।
  • उन्हें विकलांग या बीमार होने पर विशेष देखरेख मिलनी चाहिए।

एक सुन्दर राष्ट्र का निर्माण करने के लिए हमें एकजुट होकर देश के नेताओं का वर्तमान और भविष्य सुनिश्चित करने की शपथ लेनी चाहिए।

धन्यवाद।

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बाल दिवस पर भाषण / Children Day Speech २

आदरणीय प्रधानाचार्य, उप-प्रधानाचार्य, सम्मानित शिक्षकगण और साथी छात्रों आप सबका आज के इस कार्यक्रम में हार्दिक स्वागत है।

आज बाल दिवस के इस विशेष अवसर पर मैं राहुल बोस आप सबके सामने इस विशेष दिन के विषय में एक छोटा सा भाषण प्रस्तुत करते हुए इस दिन की महत्ताओं तथा इसे और भी उत्तम बनाने के उपायों के विषय में बताने का प्रयास करुंगा।

जैसा कि हम सब जानते हैं कि हमारे देश में बाल दिवस का यह कार्यक्रम प्रतिवर्ष 14 नवंबर के दिन मनाया जाता है, हममें से कई लोग इस बात को जानते होंगे फिर भी मैं आपको बता दूं कि, यह हमारे देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरु के जन्म दिवस के दिन मनाया जाता है।

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ऐसा उनके बच्चों के प्रति लगाव और प्रेम को देखते हुए किया जाता है, पंडित जवाहर लाल नेहरु एक उम्दा राजनेता और वक्ता होने के साथ ही अपने मृदु स्वभाव के कारण बच्चों में भी काफी लोकप्रिय थे और छोटे बच्चे उन्हें चाचा नेहरु के नाम से संबोधित किया करते थे। यह तो बात हुई इस दिन के इतिहास की पर क्या आपको पता है बाल दिवस क्यों मनाया जाता है और इसे मनाने के पीछे कारण क्या है?

इस विषय में मैं आपको बता दूं की बाल दिवस Children day  का यह दिन कोई साधरण दिन नही है, यह दिन बच्चों के अधिकारों और बुनियादी सुविधाओं के प्रति व्यस्कों तथा बच्चों में जागरुकता लाने के लिए निर्धारित किया गया एक दिन है और पूरे विश्व में इसे अलग-अलग तिथियों को मनाया जाता है। इसके आलावा इस दिन को और भी मनोरंजक बनाने के लिए कई प्रकार के बच्चों के लिए विद्यालयों और संस्थानो में कई कार्यक्रम भी आयोजित किये जाते है।

जिनमें से कई सारे कार्यक्रम हमारे विद्यालय में भी आयोजित किये गये हैं जैसे कि फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता, भाषण प्रतियोगिता, चित्रकला प्रतियोगिता आदि।

हमारे देश में बाल दिवस का महत्व और भी ज्यादा बढ़ जाता है क्योंकि हमारे देश में अभी भी काफी सारे बच्चे बाल मजदूरी जैसी कुप्रथाओं में फंसे है और कुछ लोग अपने थोड़े से लाभ के लिए उनका शोषण करने से बाज नही आते है। वास्तव में बाल दिवस का अर्थ पूर्ण रुप से तब तक सार्थक नही हो सकता, जब तक हमारे देश में हर बच्चे को उसके मौलिक बाल अधिकारों की प्राप्ति ना हो जाये।

जिसमें से सबसे महत्वपूर्ण शिक्षा, पारिवारिक प्रेम और लैंगिग भेदभाव जैसे मुद्दे हैं। बाल दिवस के इस विशेष पर्व को हमें देश के कोने-कोने तक पहुंचाने की आवश्यकता है क्योंकि भले ही बच्चों के भलाई और बाल अधिकारों के लिए के लिए सरकार द्वारा कई सारी योजनाएं क्यों ना चलायी जा रही हों पर उन तक उनका लाभ नहीं पहुंच पा रहा है।

आज भी हमारे देश में बच्चे या तो मजबूरी में या जोर-जबरदस्ती के कारण बाल मजदूरी करने के लिए बाध्य है, इसके आलावा अब छोटे बच्चों को अब तस्करी, भीख मांगने और यौन अपराधों में शामिल होने के लिए भी मजबूर किया जा रहा है। इस तरह की घटनाए ना सिर्फ निंदनीय है बल्कि मानव सामज को कलंकित करने का भी कार्य करती हैं।

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इन अपराधों और दुर्व्यसनों में फंसकर ना सिर्फ बच्चों का बचपन खराब हो जाता है बल्कि यह उनके लिए जुर्म के दुनियां में कदम रखने के लिए सीढ़ी का भी कार्य करता है।

हम जाने अनजाने में कही ना कही इन कार्यों को बढ़ावा दे रहे है, यदि हम चाहे तो इनमें से कई कार्यों को रोक सकते है जैसे कि हम चाहे तो मजदूरी करने वाले बच्चों को सरकार द्वारा संचालित मुफ्त शिक्षा योजना के विषय में बताकर उन्हें शिक्षा के विषय में जागरुक कर सकते हैं, चंदा इकठ्ठा करके आर्थिक रुप से कमजोर बच्चों की सहायता कर सकते है। इन कार्यों द्वारा हम अपने देश को सशक्त और विकसित बनाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।

उम्मीद है मेरा यह भाषण आप सबको अच्छा लगा हो, मेरे इस भाषण को इतने धैर्यपूर्वक सुनने के लिए आप सबको धन्यवाद!

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