Link Tag in Hindi | Html Tutorial in Hindi | Html हिंदी में

आज के इस post में हम link tag के बारे में जानेंगे , की  html में link tag  कैसे  use करते है  , और यह कैसे काम करता है , साथ ही साथ हम अपने html coding इसे run करके देखेंगे.

आज हम इसी चीज को html coding के through करके देखेंगे की html में link tag का use कैसे करते  है.तो चलिए फिर आज का post start करते है.

Link Tag in Hindi | Html Tutorial in Hindi | Html हिंदी में

Link :– link tag relationship specify करता है , document और किसी भी external resource पर | इसका सबसे ज्यादा use , CSS(cascading style sheet) में होता है |

Link Tag in Hindi Html Tutorial in Hindi Html हिंदी में

link tag एक प्रकार का empty tag है , means यह केवल attribute के साथ use होता है | इसे एक example द्वारा बेहतर रूप में समझा जा सकता है |

Example :–

Link tag में काफी सारे attribute’s है , इन attribute’s के बारे में नीचे विस्तार से समझाया गया है |

1.charset :– charset attribute html5 से हटा दिया गया है , तथा इस attribute को कोई भी browser support नहीं करता | charset attribute , linked document में character encoding , specify करता है | लेकिन इसका use प्रायः बंद हो गया है , यही reason है , इसे html5 से हटा दिया गया है |

क्योकि latest browser में अब ISO-8859-1 by default character-set मिलता है | इसे एक example से बेहतर रूप में समझा जा सकता है

Example :–

2. href :– href attribute को काफी बार बताया जा चूका है , और सभी जगह पर href attribute एक ही तरह से कार्य करता है , इसमें केवल link को specify करना होता है , जिसको आप link करना चाहते हो | यहाँ पर इसका example भी नहीं दिया जा रहा है |

3.hreflang :– हम जो भी page को linking या hyperlink करते है ,तो उस page में hreflang का use उस page का language specify करने के लिए होता है | यह language आपको एक तरह से बताता है की linking page कौन सा language में है |

याद रखे की language code सिर्फ दो digit के होते है उदाहरण के तौर पर English के लिए “ en” और हिंदी के लिए “hi” | इसे एक बेहतर example के रूप में समझा जा सकता है |

Example :–

4.rel :– यह attribute relationship बताने के लिए required होता है , current document and linking document के बीच | इसमें काफी सारी value होती है , जिनके बारे में नीचे विस्तार से बताया गया है

a. Alternate:– यह value document के alternate version के बारे में बताता है | जैसे की document कौन सा language में available है , या document का type किस प्रकार का है | हलाकि आपको अगर अपने translate page के बारे में बताना है ,तो आपको rel के साथ-साथ lang का use भी करना होगा|

Example :–

b. archives:– यह value यह बताता है , की दिए गए link को click करने पर आप document के history को जान सकते है | इसे बेहतर रूप से एक example द्वारा समझा जा सकता है |

Example:–

c. author :– यह link document  के author के बारे information provide करता है

Example :–

d. bookmark :– bookmark value को जानने से पहले यह जान लेते है , की bookmark होता क्या है , bookmark के द्वारा हम किसी भी website के link को save कर सकते है , और जरुरत पड़ने पर उन्हें फिर से access कर सकते है , और bookmark का title वही होता है , जो website का title होता है ,

लेकिन याद रखे की आप अपना bookmark का title change कर सकते है | यही same procedure bookmark value में भी होती है |

Example :–

e. external :– यह value indicate करता है , की reference document , main document में local नहीं है |

Example :–

f. first:– यह इस value के through हम collection of document में से हम first document पर पहुच जाते है |

example :–

g. help :– यह लिंक help , provide करता है , current document में या उसके references में |

Example :–

h. icon :–ये एक small icon होती है , जिसे document के starting में लगाया जाता है | जब कोई user आपकी website को bookmark में save करते है , तो यह icon represent होता है |

example :–

Or

 

i. Last :– यह value , next and prev की तरह है , इसमें list of document’s  में से आप सबसे last document में पहुच जायंगे | इसे एक example द्वारा बेहतर रूप से समझा जा सकता है |

Example :–

j. license:– यह link हमें current document के copyright या legal information के बारे में बताता है |

Example :–

k. next :– अगर आप किसी collection of document को देख रहे है , तो next करने से आप उस collection of document में से एक document , next हो जायंगे | इसे नीचे एक example द्वारा बेह्तर रूप में समझा जा सकता है

Example :–

l. nofollow :– यह value indicate करता है , particular link को click न करे या फिर उन link’s को follow न करे | मैंने आपको पहले ही बता दिया था की rel के जितने भी attributes होते है , वे केवल search engine understandable होते है , न की browser understandable |

Nofollow attribute का use google द्वारा किया जाता है , user को indicate करने के लिए , की particular link को follow या click न करे |

Example :–

m. noreferrer:– यह value indicate करता है की अगर browser http header refer send नहीं करता है , तो आप इस link को follow कर सकते है |

Example :–

n. pingback:–Pingbacks जिसे Trackbacks भी कहा जाता है, pingbacks में दुसरे bloggers को notification send करने के लिए use किया जाता है.जब आप सामने वाले की document या article अपने website में mention करते है.

o. prefetch:-prefetch एक ऐसी method है , जिसके through webpages , browser को hint देते है , जब particular webpage next time open हो तब  कुछ eternal resources को जल्दी add कर दे include JavaScript, CSS, image, audio, video or web font .

p. prev:-– यह value बिलकुल next की तरह है , next में  आप list of document’s में से अपने document में से एक document आगे बढ़ जाते थे , बस उसी तरह prev में आप एक document पीछे हो जाते है |

Example :–

q. search :– यह value indicate करता है , की आप इसके through अपने site में search facility used कर सकते है |

Example:–

r. sidebar:– इस value के through हम जो भी link set किये रहते है , वो browser window में sidebar की तरह display या represent होता है |

(sidebar:– sidebar generally किसी भी website के left section में होते है , वो आपके ऊपर है की आपने अपनी website की designing कैसे की है , लेकिन एक बात ध्यान देने योग्य है , की आप अपने website के sidebar में अपने मन से कुछ भी represent कर सकते है , वो आपके ऊपर है , चाहे वो आपके website के rule’s ही क्यों न हो |)

इसे एक example द्वारा बेहतर रूप से समझा जा सकता है |

example :–

s. stylesheet:– यह value linking external stylesheet के बारे में बताती है , की हमारे website(document) में stylesheet file जोड़ा गया है |

example :–

t. tag :– इस value के through हम अपने document या फिर site में tag specify करते है , जिसके जरिये हमारी document या site , user के search query के अनुसार search result में आता है |

Example :–

u. up :– इस value का use parent या index में पहुचने के लिए किया जाता है , document का .

example :–

5.Target :–target attribute यह specify करता है , की जिस page को link किया गया है , वो linking page कहा पे open होगा | आर्ताथ browser window के same tab पर open होगा या फिर another tab.इसकी कुछ value है , जो इस प्रकार है |

a._blank :–इस value के through link को click करने पर linking page दुसरे tab में open होगा |

b._self :– इस value के through link को click करने पर linking page same tab पर open होगा | ये by default set value होती है |

c. _parent :- 

6.Type :– इस attribute का use linking page में internet media type बताने के लिए specify किया जाता है , इस attribute को सभी browser support करते है |

इसे प्रायः MIME type से भी जाना जाता है , generally इस attribute का use किसी file का information provide कराने के लिए use किया जाता है , इससे यह पता चल जाता है , की file जो web में available है , उसका type क्या है |

जैसे किसी site में अगर कोई mp3 file है , तो उसके सामने एक sound का symbol या icon बन जायगा |

7.Rev attribute:– rev attribute को html5 से हटा दिया गया है , rev attribute के जगह पर अब rel attribute का use किया जाता है इस कारन मै इस post में आपको rev attribute के बारे में नहीं बताऊंगा |

8.Media :- media attribute,browser को यह बताता है , की  different device पर different design open हो , ताकि webpage , media device के according proper optimize हो जाए

जैसे की आप अगर webpage open करते है  mobile में , तो  media attribute का यह कम है की वह उसे mobile के according arrange कर ले  जिससे वह mobile friendly हो , same condition computer & tablet device के लिए.

Example

media type की values

  • all – सभी device के लिए.
  • print – print preview mode के लिए.
  • screen – computer screens, tablets, smart-phones etc के लिए
  • speech – screenreaders , जो loudly पढ़ते है.
  • handheld – small screen और low bandwidth वाले device.
  • projection – Projectors के लिए
  • tv – Television type devices के लिए

9.sizes :- size attribute को कोई भी browser support नहीं करता , इसका use external media या फिर linking media के size define करने के लिए किया जाता है

Example

दोस्तों मुझे उम्मीद है , की आपको यह पोस्ट पसंद आई होगी , अगर आपको यह पोस्ट अच्छी लगी , तो कृपया अपने विचार comment के माध्यम से बताये.

i hope आपको यह example समझ में आ गयी होगी , और link tag भी अच्छी से समझ में आ गयी होगी.link tag वाली यह post काफी बड़ी है , हो सके तो उसे bookmark में save कर ले.

 

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