गोवर्धन नाम तो हम सभी ने सुना ही होगा. जब इंद्र देव गोवर्धनवासियों से किसी बात पर क्रोध हो गए थे तो उन्होंने अपने गुस्से के तेज़ के कारण पूरे घाटी वासियों को डूबना चाहा था लेकिन श्री कृष्णा ने गोवर्धन पर्वत को अपनी छोटी उंगली से उठा कर सभी गाँववासियों को शरण दी थी. तभी